अस्थमा (दमा) के लक्षण, कारण और इलाज के बारे में पूरी जानकारी जाने


asthma अस्थमा
        अस्थमा एक प्रकार की सांस से संबंधित बीमारी है। इसे सांस फूलने की बीमारी या दमा के नाम से भी जाना जाता है। जो की अक्सर लोगों में कुछ गलती के कारण हो जाती है। अस्थमा सांस से संबंधित सभी बीमारियों में सबसे ख़तरनाक बीमारी है। इसकी वजह से breathing problems सांस लेने में दिक्कत हो जाती है। जिसकी वजह से अक्सर लोगों की मौत हो जाती है। अस्थमा से हर साल देश भर में लगभग दस लाख लोगों की मौत हो जाती है। ये बीमारी एक तरह से ठीक भी नहीं होती। लेकिन इस पर रोकथाम लगाया जा सकता है। आज हम आपको इसके कारण, लक्षण, इलाज़ और रोकथाम के बारे में बताएंगे। अगर आप भी इस तरह की बीमारी से पीड़ित हैं या बचना चाहते हैं तो आप इस पोस्ट की वजह से छुटकारा पा सकते हैं -

Asthama cure

symptoms of asthma अस्थमा (दमा) के लक्षण
        अस्थमा (दमा) होने के कई लक्षण होते है। जो की हमारे दिनचर्या में होने वाले काम को करने में परेशानी बनते है। अस्थमा (दमा) के शुरूआत में  सांस लेने में दिक्कत, खांसी, सांस की नली में सिकुड़न, सीने में दर्द, बलगम , तेज़ी से सांस लेना, घबराहट, दिल की धड़कन में तेज़ी, आदि इसके लक्षण है। और अगर आप को इस तरह के कोई लक्षण दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क कर इलाज करवाएं ताकि ये कोई हानि पहुंचाने में सक्षम ना हो।


. breathlessness सांस लेने में दिक्कत
     अस्थमा (दमा) में सबसे ज्यादा breathing problems सांस लेने में दिक्कत होती है। आदमी सांस लेने से ही जिंदा रहता है। ये इस बीमारी की सबसे बड़ी खासियत होती है। अगर आपको कभी भी सांस लेने में कोई दिक्कत हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क कर इलाज करवाएं। इसको कभी भी नजरअंदाज करने की कोशिश ना करें वर्ना ये ज्यादा घातक साबित हो सकता है। जान भी जा सकती है ।


.Cough खांसी
      अस्थमा (दमा) में सांस फूलने के साथ- साथ खांसी भी आती है। और उस समय खांसी आने पर हमारा शरीर में लगता है की जैसे कोई हवा भारी ट्यूब। खांसी आते समय breathing problems सांस की समस्या और तेज़ी से बढ़ जाती है। अगर इस तरह के कोई लक्षण दिखाई दे तो तुरंत अपना इलाज करवाएं नहीं तो जानलेवा साबित हो सकता है।


. Windpipe सांस की नली में सिकुड़न
        अस्थमा (दमा) होने पर सांस लेने वाली नली में सिकुड़न हो जाती है। और उसमे हवा जाने के लिए जगह कम बचता है। जिसकी वजह से बराबर हवा फेफड़े तक पहुंच नहीं पाता है। जिससे सांस फूलने लगती है। अगर आपको भी कोई लक्षण दिखाई दे तो तुरंत इलाज़ करवाना जरूरी होता है।


. Chest pain सीने में दर्द
     अस्थमा (दमा) होने पर कई सारी समस्या शरीर में उत्पन्न हो जाती है। उन्हीं समस्याओं में सीने का दर्द भी एक समस्या है। जो की अक्सर अस्थमा (दमा) के रोगियों के साथ अक्सर घटित होता है। सीने में दर्द बढ़ जाता है जिसकी वजह से breathing problems सांस लेने में और भी दिक्कत बढ़ जाती है। अगर इस तरह की दिक्कत आती है तो आपको नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।


. Mucus बलगम
          ज्यादातर अस्थमा (दमा) के रोगियों में अक्सर देखा गया है की सांस फूलने, खांसी आदि समस्या के साथ बलगम भी आने लगता है। अगर आपको खांसी के साथ बलगम आए तो तुरंत डॉक्टर से जांच करवाएं।


. Rapid breathing तेज़ी से सांस लेना
        तेजी से सांस लेना अक्सर अस्थमा ( दमा) के मरीजों के साथ ये बहुत घटित होने वाली समस्या है। जब सांस लेने की नली में सिकुड़न होती है। तो अस्थमा (दमा) के रोगी तेजी से सांस लेने लगते है। क्योंकि फेफड़े में बराबर हवा पहुंचती रहे। ये अस्थमा के सबसे खास लक्षणों में से एक है।


. Nervousnessघबराहट
          अगर आपको भी सांस लेने में दिक्कत के साथ घबराहट होती है। तो तुरंत आपको डॉक्टर से संपर्क कर जांच करवाएं। और नजरअंदाज करने की कोशिश ना करें। क्योंकि ये अस्थमा (दमा) के लक्षण हो सकते है।


. Rapid heartbeat दिल की धड़कन में तेज़ी
        अगर दिल की धड़कन में तेज़ी के साथ - साथ सांस लेने की कोई समस्त आपको हो। तो बिना देरी किए तुरंत डॉक्टर से संपर्क कर जांच करवाएं और उसका सही तरीके से इलाज करवाए। क्योंकि ये अस्थमा (दमा) के लक्षण हो सकते है। अक्सर देखा गया है की सांस फूलने के समय दिल की धड़कन में तेज़ी आ जाती है जिसकी वजह से मौत भी हो सकती है।


. Having asthma अस्थमा होने के कारण
     अस्थमा (दमा) ज्यादातर एलर्जी के कारण होता है। इसके होने के कई कारण हो सकते है। जैसे कि तम्बाकू का सेवन, जानवरो के साथ खेलना, धूल या कण, केमिकल्स, प्लास्टिक, कॉकरोच, हार्मोनल में बदलाव, धूम्रपान आदि इसके कारण हो सकते है।

.Tobacco consumption तम्बाकू का सेवन
       अस्थमा (दमा) होने का कारण तम्बाकू भी बन सकता है। अक्सर देखा गया है की जो लोग तम्बाकू का सेवन करते है उनमें अस्थमा होने के आसार ज्यादा होते है ।

. Playing with animals जानवरों के साथ खेलना
कुछ लोग है जो पालतू जानवर के साथ ज्यादा खेलते है। लेकिन ऐसी गलती नहीं करनी चाहिए। क्योंकि अस्थमा ( दमा) जानवरो से होने वाली एलर्जी से भी हो सकता है। इसीलिए आपको सतर्क रहने की जरूरत है।


. Dust or particles धूल या कण
     धूल या कण से अस्थमा (दमा) होने के आसार ज्यादा बढ़ जाते है। क्योंकि धूल या कण हमारे सांसों के रास्ते फेफड़े में जाकर जमा हो जाते है। जिसकी वजह से सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। इसीलिए जब भी आप धूल या कण वाले जगह पर जाएं तो रुमाल से अपना मुंह ढककर रखें।


Breathing problems

. Chemicals केमिकल्
         केमिकल्स की वजह से अस्थमा ( बहुत ) तेज़ी से होने की संभावना रहती है। क्योंकि केमिकल्स में उपस्थित लिक्वड जोकि सांसों के रास्ते फेफड़े में जाकर जमा होने लगता है। जिससे सांस फूलने की संभावना बढ़ जाती है।

. Plastic प्लास्टिक
        कभी - कभी ऐसा देखा गया है की कुछ लोग प्लास्टिक को जला देते है। उसमे से निकलने वाला धुआं बहुत ही खतरनाक होता है। और वही धुआं अस्थमा (दमा) को होने में मदद करता है।


दमा के शुरुआती लक्षण

. Cockroaches कॉकरोच
       कॉकरोच की वजह से भी अस्थमा (दमा) हो जाता है। क्योंकि इनके शरीर में उपस्थित एक प्रकार का रसायन से हमें एलर्जी होने की संभावना होती है। जिससे दमा हो सकता है। इसलिए कॉकरोच से बचकर रहना चाहिए।

.  Hormonal changes  हार्मोनल में बदलाव
        औरतों के हार्मोनल में होने वाले बदलाव से भी अस्थमा (दमा ) होने की संभावना ज्यादा रहती है। क्योंकि हार्मोनल में बदलाव के समय शरीर में कई तरह के बदलाव होते है। जिससे औरतों में अस्थमा ( दमा) होने की संभावना रहती है।


Treatment of asthama

. Smoking धूम्रपान
        ज्यादातर अस्थमा के रोगियों में पाया गया है कि उन्हें धूम्रपान के कारण अस्थमा (दमा) हुआ है। धूम्रपान करने से धुआं जो की हमारे फेफड़े से होकर गुजरता है। जिससे कि उसमें उपस्थिति तरल पदार्थ फेफड़े में जमा हो जाते हैं जिससे अस्थमा होने की संभावना बहुत ज्यादा रहती है।

. treatment of asthama  अस्थमा (दमा ) का इलाज
     अस्थमा (दमा ) के लिए आज के समय में बहुत सारे होम्योपैथिक उपचार अपनाए जा चुके है। आज के आधुनिक जमाने में देश में हर जगह इसका इलाज़ किया जा रहा है। इसके इलाज़ के लिए प्रयोग में ज्यादातर इनहेलर से किया जाता है। ये अस्थमा (दमा) की सबसे बेहरीन दवाई है। और सांस लेने में दिक्कत ना हो इसके लिए फ़ॉर्मोटेरॉल, साल्मेटेरॉल, टियोट्रोपियम दवाएं प्रयोग में लाई जाती है। लेकिन इन दवाओं का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह लेकर ही करे। 

दमा का घरेलू उपचार

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Home remedies for asthma अस्थमा का घरेलू इलाज
1. सरसो के तेल से मालिश करने से अस्थमा (दमा) में काफी फायदा होता है।


2. अजवायन को पानी में उबाल लीजिए और उसका बाप लीजिए जिससे सांस फूलने की समस्या से राहत मिलती है।


3. लहसुन को दूध में उबालकर दूध पीने से अस्थमा (दमा) से छुटकारा मिलता है।


4. अदरक से बनी चाय पीने से बलगम साफ ही जाता है और इससे राहत मिलती है।


5. तुलसी के पत्ते भी ऑस्थमा में फ़ायदा करते है। और इसी के साथ योगा भी करना चाहिए जिससे अस्थमा (दमा) धीरे - धीरे खत्म होने लगता है।
         
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