Sachin Pilot को डिप्टी CM और प्रदेश कांग्रेस कमेटी पद से हटाया गया।

Sachin Pilot को डिप्टी CM और प्रदेश कांग्रेस कमेटी पद से हटाया गया।
     राजस्थान में सचिन पायलट (Sachin pilot) को उपमुख्मंत्री और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष (congress pradesh commitee) के पद से हटाया गया। साथ में उनके पक्ष में होने वाले विधायक और मंत्रियों के खिलाफ नोटिस जारी।

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     राजस्थान (Rajasthan) में भी मध्यप्रदेश (Madhyapradesh) के जैसा सियासी भूचाल आ गया है। गहलोत (Gehlot) सरकार के ऊपर खतरा मंडरा रहा है। इस में क्या अशोक गहलोत ( Ashoka Gehlot) अपने सरकार को बचा पाएंगे। ये कहना मुश्किल है लेकिन राजस्थान में कांग्रेस ने सचिन पायलट (Sachin pilot) को उपमुख्मंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है। साथ ही सचिन पायलट (Sachin pilot) के पक्ष में होने वाले विधायक और मंत्रियों को भी पार्टी से मुक्त कर दिया गया है। इसकी जानकारी हरियाणा के वरिष्ठ कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला (Randeep Singh Surjewala) ने दी। उन्होंने बताया की लक्ष्मणगढ़ से विधायक और माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ( govind singh dotasara) को राजस्थान कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष और डूंगरपुर से विधायक श्री गणेश घोगरा (Ganesh ghogra) को राजस्थान प्रदेश यूथ कांग्रेस (Rajasthan Pradesh youth congress) का अध्यक्ष बनाया गया। श्री अभिषेक चौधरी ( Abhishek Choudhary) को एनएसयूआई (NSUI) का अध्यक्ष और श्री हेमसिंह शेखावत (Hemsingh shekhawat) को सेवादल का अध्यक्ष बनाया गया।  


   साल 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस (Congress) एक बहुत बड़ी पार्टी बनकर उभरी। सचिन पायलट (Sachin pilot) ने जी जान लगाकर मेहनत किया और उस चुनाव का चेहरा सचिन पायलट (Sachin pilot) थे।जिसमें कांग्रेस (Congress) ने 99 सीट पर जीत हासिल की और साथ में सहयोगी दलों का समर्थन करके कांग्रेस (congress) के पास 107 सीटें ही गई थी। जबकि सरकार बनाने के लिए 100 सीट को जरूरत होती है। राजस्थान में कांग्रेस ( Congress) से जीत तो हासिल कर ली लेकिन
मुख्यमंत्री पद को लेकर चर्चाएं गर्म हो गई। एक तरफ अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) पूर्व मुख्यमंत्री थे वह मुख्यमंत्री बनना चाहते थे वहीं दूसरी तरफ सचिन पायलट (Sachin pilot) भी मुख्यमंत्री पद के दावेदार थे। उसी समय कांग्रेस (Congress) ने सचिन पायलट (Sachin pilot) को समझकर उपमुख्यंत्री और अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) को मुख्यमंत्री बना दिया। तभी से सचिन पायलट (Sachin pilot) और अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) के बीच अनबन शुरू हो गई थी। लेकिन दो साल पूरा होते - होते सचिन पायलट (Sachin pilot) के गुस्से का बांध टूट गया और वह अपनी ही पार्टी से बागी हो गए।


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     ये सियासी खेल ना सिर्फ राजस्थान (Rajasthan)में बल्कि मध्य प्रदेश में भी कांग्रेस (Congress)  सरकार के साथ हुआ। मध्य प्रदेश में कांग्रेस (Congress)ने पूर्ण बहुमत के साथ जीत तो हासिल कर ली लेकिन कांग्रेस (Congress) ने कमलनाथ ( Kamalnath) को मुख्यमंत्री बना दिया और ज्योतरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) को उपमुख्यमत्री। जिससे ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) को उपमुख्मंत्री बनना नागवार गुजरा और ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) अपनी ही पार्टी से बागी हो गए अपने साथ लगभग 30 विधायकों को लेकर भाजपा (BJP) में शामिल हो गए और कांग्रेस (Congress) की सरकार गिर गई।


     अभी कहा जा रहा है कि अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) अपनी सरकार को बचा लेंगे। सचिन पायलट ( Sachin pilot) को कांग्रेस अभी मानने में लगी है। लेकिन सचिन पायलट ( Sachin pilot) मानने को तैयार नहीं है। और इसी के साथ कांग्रेस की सरकार के सिर पर खतरा मंडरा रहा है। बीजेपी भी अपने दाव पेच लड़ाने में लगी है। बीजेपी (BJP) की मीटिंग बहुत जोरो शोरो पर है। बीजेपी (BJP) इसका फायदा उठाना चाहती है।
लेकिन कांग्रेस (congress) का कहना है कि भाजपा राजस्थान में कांग्रेस (Congress) की सरकार गिराने में लगी है।

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